Adrak Khane Ke Fayde n Hindi

अदरक का उपयोग औषधि के रूप में इन बीमारियों पर किया जाता है इसके साथ ही हम यह भी आपको बताएंगे कि आप किस प्रकार और किस मात्रा में इसका इस्तेमाल करें तो इन बीमारियों को नष्ट कर सकते हैं।

अदरक का प्रयोग सिरदर्द में, खांसी में, कब्ज में, भूख बढ़ाने में, उदर रोग में, जलन में, उल्टी में, मूत्र विकार में, हृदय की जलन में, पाचन विकार में, कान दर्द में, दांत दर्द में, निमोनिया में, मूर्छा में, अंडकोष वृद्धि में

सौंठ और पित्त पापड़ा का पाक को 10 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सेवन करने से भूख शांत होती है और पेट की जलन में भी लाभ मिलता है और ज्वार नाशक भी है।

सौंठ और पित्त पापड़ा का पाक को 10 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सेवन करने से भूख शांत होती है और पेट की जलन में भी लाभ मिलता है और ज्वार नाशक भी है।

सौंठ, अतीस, गिलोय इन सभी को समान मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर 10 से 20 ml. की मात्रा में सुबह - शाम सेवन करने से पेट की जलन शांत होती है और आमाशय के विकारों में भी लाभ मिलता है।

अदरक के रस को 5ml की मात्रा में लेकर इसमें पांच में शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार सेवन करने से इस्नोफीलिया में लाभ मिलता है।

पिप्पली तथा सैंधा नमक इनके मिश्रित चूर्ण को अदरक के रस के साथ रात्रि में सोने से पहले सेवन से 1 सप्ताह के अंदर ही श्वास रोग से मुक्त हो जाता है।

अदरक का 10 ग्राम, आक / मदार की जड़ 10 ग्राम, इन दोनों को खरल कर इसकी काली मिर्च के बराबर गोली बना लें। इन गोलियों को गुनगुने पानी के साथ देने से हैजे में लाभ मिलता है।

अजवायन, सैंधा नमक, हरड, सौंठ इनके चूर्ण को समान मात्रा में लेंकर एकत्रित करें। दो से 5 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से पेट का दर्द नष्ट हो जाता है और पेट की जलन में भी लाभ मिलता है।