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Shree Ganesh Ji Ki Aarti प्रतिदिन पढ़ने से भक्तों के सभी प्रकार के दुख दूर हो जाते हैं

Shree Ganesh Ji Ki Aarti तो आप सभी लोग प्रतिदिन पढ़ते ही होंगे आशा है हम आपको कुछ गणेश जी की आरती के बारे में आज इसमें बताएंगे तथा गणेश जी की आरती भी आप तक पहुंचाएंगे, वैसे तो कथाओं, पंचांगों, पंडितों और धर्मग्रंथो में लिखा है श्री गणेश जी की आरती पढ़ने से घर के दुख दरिद्र व सभी प्रकार के कष्ट भक्तों के दूर हो जाते हैं इसलिए हम सभी को गणेश जी की आरती को प्रतिदिन पूजा में अवश्य पढ़ाना चाहिए।

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभा ।
कुरु में देव निर्विघ्नम  सर्वकार्येषु सर्वदा ।।

Shree Ganesh Ji Ki Aarti करने से पहले इस मंत्र का उच्चारण अवश्य करें

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभा ।

कुरु में देव निर्विघ्नम  सर्वकार्येषु सर्वदा ।।

Shree Ganesh Ji Ki Aarti | श्री गणेश जी की आरती 

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।। जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

एकदंत दयावंत चारभुजा धारी, माथे सिंदूर सोहे मुस्क सवारी ।। जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा, लड्डूअन का भोग लगे संत करें सेवा ।। जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

अन्धन को आंख देत, कोढ़ीन को काया, बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।। जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

सूर श्याम शरन आए, सफल की जय सेवा, माताजी की पार्वती पिता महादेवा।। जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

दीनन की लाज राखो शंभु सुतवारी, कामना को पूर्ण करो जाऊ बलिहारी ।। जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

।। जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

Shree Ganesh Ji Ki Aarti पढ़ने का सही समय

श्री गणेश जी की आरती वैसे तो पूजा पाठ करने का कोई समय नहीं होता है जिस प्रकार मनुष्य का करने का समय तय नहीं होता है उसी प्रकार पूजा पाठ करने का कोई समय नहीं होता है जब आपके पास टाइम हो आप उसे टाइम को निश्चित कर ले और प्रतिदिन श्री गणेश जी की आरती का गठन करें और गणेश जी की कृपा आप पर बनी रहे।

Shree Ganesh Ji Ki Aarti पढ़ने से लाभ 

श्री गणेश जी की आरती पढ़ने से लाभ बहुत सारे जिस प्रकार मनुष्य मन लगाकर किसी कार्य को करता है तो उसका फल उसे भगवान जी अवश्य देते हैं उसी प्रकार यदि हम श्री गणेश जी की आरती को पूरी लगन व श्रद्धा के साथ करते हैं तो उसका फल देने स्वयं गणेश जी को आना पड़ेगा इसलिए आप प्रतिदिन गणेश जी की आरती का पठन करते रहे और इसकी चिंता ना करें कि भगवान जी हमें कब और क्या दे दे इसका कोई भरोसा नहीं श्री गणेश जी की कृपा आप पर खूब बरसती रहे यही हमारी मनोकामना है।

Shree Ganesh Ji Ki Aarti के बाद अवश्य करें ये जयकारे 

प्रेम से बोलो जय श्री गणेश जी

प्रेम से बोलो अष्टविनायक की ! जय

प्रेम से बोलो रिद्धि सिद्धि की ! जय

प्रेम से बोलो जी के दाता की ! जय

प्रेम से बोलो कष्ट निवारने वाले की ! जय

प्रेम से बोलो दुख को हरने वाले की ! जय

प्रेम से बोलो मूषक राज की ! जय

प्रेम से बोलो भाग्य विधाता की ! जय

प्रेम से बोलो गौरी पुत्र गणेश की ! जय

प्रेम से बोलो संकट नाशक श्री गणेश जी की ! जय

प्रेम से बोलो गजानन की ! जय

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