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लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि | Fatty Liver Treatment Patanjali In Hindi 

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि

लिवर में सूजन होने के लक्षण यह बहुत लंबी प्रक्रिया है जो कि लंबे समय तक चलती है, लिवर खराब होने की पहचान शुरुआत में नहीं होती है यह धीरे-धीरे यकृत की कोशिकाओं को नष्ट करता रहता है और उनके स्थान पर फाइबर का निर्माण करता है जोकि लंबे समय तक नहीं टिकती हैं और जो कोशिकाएं बचती है अधिक कार्य या भार पर जाता है और आरंभ में ही कुछ लिवर कुछ बड़ा हो जाता है तो यदि आपका लिवर खराब है तो फिर आपको लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि लेकर आए हैं ।

जो कि आपको नीचे संपूर्ण जानकारी के साथ हम किस कांटेक्ट में प्राप्त करवाएंगे तो बने रहे हमारी पोस्ट में और जाने किस प्रकार से हम लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि का किस प्रकार से इस्तेमाल करें।

यदि आपका लिवर खराब है तो फिर आपको आयुर्वेद मैं चले जाना चाहिए आयुर्वेदिक ऐसी दवाई है जिसमें हर रोग का बहुत ही अच्छा इलाज है और यदि लिवर या यकृत संबंधी बीमारियों की बात करें तो यह औषधि रामबाण का कार्य करती है। 

आपको शुरुआती में थोड़े बहुत अंग्रेजी दवाओं का इस्तेमाल कर लिया है तो कोई बात नहीं लेकिन लंबे समय तक अंग्रेजी दवा का सेवन करने से आपका लिवर और भी खराब हो सकता है।

इसलिए सावधानी पूर्वक ही अंग्रेजी दवाई का सेवन करें किसी चिकित्सा के परामर्श के अनुसार ही औषधियों का सेवन करें। लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि आपके लिए बहुत ही अच्छा साबित होगा।

तो आइए जानते हैं लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि किस प्रकार से हमारे शरीर के यकृत को ठीक करने में मदद करता है यदि आपका लिवर खराब होता है तो कई सारी बीमारियों का जन्म हो जाता है।

कहते हैं ना पेट सफा तो हर रोग दफा तो इसी प्रकार से यदि आपका पेट सही है तो फिर आपको कोई रोग जल्दी से नहीं सताएगा और यदि आप का पाचन क्रिया ही गड़बड़ है तो फिर आपको छोटे मोटे लोग हर रोज सताते रहेंगे इसलिए अपने पाचन क्रिया को अच्छा कीजिए और अपनी लाइफ को अच्छे प्रकार से जीए।

लिवर क्या है 

दोस्तों लिवर हमारे शरीर का एक ऐसा हिस्सा है जोकि 30% खून को बनाने में मदद करता है यदि लिवर खराब होता है तो हमारे शरीर में खून की कमी आ जाती है जैसे कि आपने ज्वाइंडिस रोग का नाम सुना होगा जिसे पीलिया भी कहते हैं। इस रोग के हो जाने से शरीर में खून की कमी हो जाती है। 

यदि इस रोग का शुरुआती में पता चल जाए तो रोगी ठीक हो जाता है नहीं तो इसमें 50% रोगियों की जान चली जाती है। यह एक गंभीर रोग है। लेकिन इसका आयुर्वेद में बहुत ही अच्छा इलाज है जिसका इलाज नीचे हम आपको बताएंगे जिसको करके आप घर पर ही ठीक हो सकते हैं। 

लिवर खराब होने का कारण 

-नमक, गरम मसाला, लाल मिर्च, का अत्यधिक सेवन करने से लिवर धीरे-धीरे खराब होने लगता है।

-लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं और -अत्यधिक और अंग्रेजी औषधियों का सेवन करने से धीरे-धीरे लिवर में इन्फेक्शन होने लगता है।

-अत्यधिक दिनों से शराब पुणे से यकृत में परिवर्तन आ जाता है जिससे लिवर धीरे-धीरे इन्फेक्शन या खराब होने लगता है।

-शराब का ज्यादा दिनों तक सेवन करने से लिवर की कोशिश कहां है नष्ट होने लगती है। अंत में परिणाम आपके लिए बहुत बुरा होता है।

-उदर रोग के कारण, पेंचिस, टाइफाइड ज्वर, यहां सभी रोगों का लंबे समय तक रहना आपके लिवर को डैमेज या इन्फेक्शन कर देता है।

-बार-बार मलेरिया बुखार का आपके शरीर पर आक्रमण करना।

-जिन बच्चों को सूखा रोग होता है उनका लिवर खराब हो जाता है।

लिवर में इन्फेक्शन के लक्षण 

-शरीर में थकावट तथा शारीरिक धीरे धीरे कम हो जाना।

-शरीर की त्वचा सूखी तथा सख्त हो जाना।

-शरीर का खून घोषित हो जाने के कारण शरीर में धब्बे पड़ जाना।

-शुरुआत में सामान्य से कुछ बड़ा हो जाता है किंतु बाद में फाइबर के कारण सिकुड़ कर छोटा हो जाता है।

-रोगी को भूख कम लगना।

-बार बार उल्टी यों का महसूस होना।

-रोगी के पेट में लगातार गैस या भारी भारी लगना।

-स्त्रियों में मासिक धर्म की गड़बड़ी हो जाती है।

-मासिक धर्म में अधिक बिल्डिंग होने लगता है।

-रोगियों में हल्का हल्का बुखार रहता है।

-रोगियों के आंतों में रक्त जाने पर खून की कमी हो जाती है।

-रोगियों में ग्रास नली के नीचे भाग और पेट के ऊपरी भाग में सहायक शिराएं बन जाती है जो उच्च रक्त दाग के कारण भूल कर मोटी हो जाती है बाद में उन्हें से रक्त निकलने लगता है।

-लिवर में इन्फेक्शन के लक्षण इस रोग में पीलिया रोग हो जाता है।

-लंबे समय से लिवर खराब होने से रोगी पागलों जैसी हरकतें करता है।

-लीवर ठीक प्रकार से कार्य न करने से हाइपोटेंशन के कारण रोगी के पेड़ में पानी चला जाता है जिसके कारण पेट की शिराएं फूल जाती हैं।

-स्प्लीन या सामान्य आकार से बहुत अधिक बढ़ जाती है बढ़ने का मुख्य कारण पोर्टल हाइपरटेंशन होता है।

-पुरुषों में एक और का स्तन बड़ा हो जाता है जिससे पुरुषों में नपुंसकता भी हो सकती है।

-पेट में धीरे-धीरे जलन या कब्ज का होना।

-पेट से मुंह में खट्टा पानी आना।

-लीवर और स्प्लीन बन जाना।

-शरीर में सूजन आ जाना।

-खूनी बवासीर की समस्या हो जाना।

-कभी-कभी रोगी को अपना बढ़ा हुआ लिवर गांठ के रूप में दिखाई देता है।

-रोगी के शरीर का रंग काला हो जाना।

-नाक और मसूड़ों से रक्त स्राव होना।

-शरीर का निर्मल और नाड़ी का तीव्र गति से चलना।

-खूनी बवासीर की समस्या हो जाना।

-50% रोगियों में पीलिया रोग के लक्षण दिखाई देते हैं।

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि | Fatty Liver Treatment Patanjali In Hindi

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि पतंजलि के कुछ ऐसे अनोखे प्रोडक्ट जिनको आप घर पर लाकर आपस में मिलाकर चोर तैयार करके खाना खाने के बाद प्रतिदिन सेवन करने से आपका लिवर सही रहेगा तो आइए जानते हैं कि कौन से पतंजलि की औषधियां है जिनका प्रयोग लिवर का इलाज करने के लिए किया जाता है। 

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

लिवर में इन्फेक्शन होने पर पतंजलि की औषधियों का उपयोग करके आप घर पर ही ठीक हो जाएंगे इसके लिए आपको लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि “दिव्य सर्वकल्प क्वाथ” को 200 ग्राम की मात्रा में तथा लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि “दिव्य कायाकल्प क्वाथ” 100 ग्राम की मात्रा में लेकर दोनों को आपस में मिलाकर 5 से 10 ग्राम की मात्रा में लेकर 400ml पानी में पकाएं जब 100ml पानी शेष रह जाए फिर छानकर सुबह-शाम खाली पेट सेवन करें इसका सेवन करने से आपके लिवर में इन्फेक्शन धीरे-धीरे खत्म होने लगेगा और आपका लिवर पहले जैसे काम करने लगेगा। 

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

दिव्य टोटला क्वाथ इस औषधि को एक से दो चम्मच की मात्रा में लेकर रात्रि में एक मिट्टी के बर्तन में एक कप पानी डालकर भिगो दें सुबह मसलकर छानकर खाली पेट सेवन करने से यकृत/लिवर की वृद्धि में लाभ मिलता है।

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

दिव्य गिलोय सत् 10 ग्राम, दिव्य प्रवाल पंचामृत 10 ग्राम, दिव्य कासीस भस्म 5 ग्राम, दिव्य स्वर्णमाक्षिक भस्म 5 ग्राम, दिव्य स्वर्ण वसन्तमालती रस 2 ग्राम इन सभी को बताई गई मात्रा के अनुसार लेकर आप आपस में मिलाकर 60 खुराक बनाकर सुबह नाश्ते के बाद और रात्रि में भोजन के आधा घंटा पहले जल या शहद के साथ सेवन करने से यकृत/लिवर की वृद्धि में लाभ मिलता है।

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

दिव्य उदरामृत वटी एक से दो गोली को लेकर सुबह, दोपहर, शाम, दिन में तीन बार सुबह नाश्ता करने के बाद, दोपहर में भोजन के बाद, रात्रि में भोजन के बाद, गुनगुने जल के साथ सेवन करने से लीवर की वृद्धि में लाभ मिलता है।

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

दिव्य पुनर्नवादि मंडूर इस औषधि एक एक गोली को दिन में तीन बार सुबह नाश्ते के बाद, दोपहर में भोजन के बाद, रात में भोजन के आधा घंटे बाद, गुनगुने जल के साथ सेवन करने से यकृत/लिवर की वृद्धि में लाभ मिलता है।

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

दिव्य आरोग्यवर्धिनी वटी इस औषधि की एक से दो गोली प्रतिदिन सुबह नाश्ता के बाद, दोपहर भोजन के बाद, रात्रि में भोजन आधा घंटे बाद सेवन गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से यकृत/लिवर की वृद्धि में लाभ मिलता है। 

एलोवेरा रस से लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

एलोवेरा का रस 1 ग्राम और हल्दी का चूर्ण आधा ग्राम तथा आधा ग्राम सेंधा नमक मिलाकर सुबह शाम रोगी को सेवन कराने से यकृत/लिवर की वृद्धि में लाभ मिलता है।

अंबरबेल से लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

1-अंबरबेल को 5 से 10 ग्राम की मात्रा में लेकर पानी में पीसकर लगाने से यकृत/लिवर की कठोरता दूर होती है।

2-अंबरबेल को दो से 5 ग्राम की मात्रा में लेकर 100ml पानी में उबालकर जब पानी 50ml शेष रह जाए फिर इस काढ़े का सेवन करने से यकृत/लिवर की शक्ति बढ़ती है।

नौसादर से लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

नौसादर को 1 ग्राम की मात्रा में लेकर पानी में घोलकर प्रति दिन 4 से 5 बार सेवन करने से लीवर संबंधित समस्त रोग समाप्त हो जाते हैं तथा इसका सेवन करने से लीवर और पित्त सूजन में भी लाभ मिलता है।

मकोय से लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

मकोय के पौधे को लेकर एक मिट्टी के बर्तन में डालकर पकाएं जब यह पौधा गुलाबी रंग का हो जाए तब इसका रस निकालकर छानकर रख लें फिर इस रस को 20 से 25 ML. की मात्रा में लेकर सुबह खाली पेट सेवन करने से यकृत/लिवर की वृद्धि होना रुक जाती है तथा धीरे-धीरे या वृद्धि कम भी हो जाती है।

करेला से लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

ताजे करेले का रस 50ml की मात्रा में निकालकर निरंतर एक से डेढ़ माह तक सेवन करने से यकृत/लिवर के रोग मिट जाते हैं।

एलोवेरा और नौसादर से लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

एलोवेरा के ताजे पत्ते को लेकर उस को बीच से चीरकर उसमें 4 से 5 ग्राम नौसादर डालकर थोड़ी देर के बाद रख दे फिर इस पत्ते से एलोवेरा का रस निकालकर एकत्रित करें इस रस की 15 से 20 बूंद 50ml पानी में डालकर सेवन करने से यकृत/लिवर की सूजन मिट जाती है।

पपीता और केला से लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

कच्चे पपीते का ताजा दूध चार से पांच बूंद और एक पका हुआ केला लेकर दोनों को आपस में अच्छे प्रकार से फेंट कर भोजन के बाद दिन में 2 बार सेवन करने से यकृत/लिवर वृद्धि में लाभ मिलता है।

खरबूजा से लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

कच्चे खरबूजे के फल को छीलकर कद्दूकस काटकर एक कढ़ाई में थोड़ा सा घी डालकर पका लें। फिर पोटली के समान बनाकर रोगी के पेट पर बांधने से यकृत/लिवर वृद्धि में लाभ मिलता है।

मूली से लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि 

20 ग्राम मूली के ताजे रस में 20 ग्राम मकोय का रस मिलाकर दिन में दो से तीन बार सेवन करने से यकृत/लिवर की सूजन, ज्वाइंडिस (jaundice) आदि रोगों को नष्ट कर देता है।

लिवर इन्फेक्शन में क्या खाना चाहिए 

-लिवर में इन्फेक्शन होने पर आपको फाइबर से युक्त चीजों का प्रयोग अधिक से अधिक मात्रा में करना चाहिए यह लीवर के लिए लाभदायक होता है।

-शरीर में पानी की कमी ना होने दें थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी का सेवन बराबर करते रहें पानी का सेवन करने से आपके पेट में कब्ज नहीं बनेगी और लीवर के लिए भी लाभकारी होगा।

-हमारे पूर्वज बताया करते थे। कि हल्दी का सेवन भी लिवर के लिए बहुत ही लाभकारी है इसके लिए हल्दी का सेवन करना भी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

-गुनगुने पानी में 5 से 10 एम एल की मात्रा में नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से बढ़ा हुआ लीवर धीरे-धीरे कम होने लगता है यानी कि लिवर का फैट कम होने लगता है।

-ताजी और हरे रंग की सब्जियों का अधिक मात्रा में सेवन करें क्योंकि सब्जियों का सेवन करने से आप का पाचन तंत्र मजबूत रहेगा जिससे लिवर की समस्या नहीं होगी और यदि होगी भी तो इन सब्जियों का सेवन करने से आपको लाभ मिलेगा।

-प्रतिदिन सुबह नाश्ते में पपीते का सेवन करें आप इस पपीते में थोड़ा सा लाल नमक मिलाकर सेवन करें तो आपको और भी फायदा होगा।

-सेब के सिरके का सेवन करना आपके लिवर के लिए बहुत ही लाभकारी होगा इसलिए आपको 10 से 15 मेल की मात्रा में प्रतिदिन सेब के सिरके का सेवन करना चाहिए। 

-प्रतिदिन सुबह खाली पेट नाश्ते में फलों का अत्यधिक सेवन करें जितना हो सके उतना तली भुनी चीजों का सेवन करने से बचें।

-लिवर में इन्फेक्शन होने पर इन फलों का सेवन करें जैसे कि अंगूर, नाशपाती, केला, ब्लूबेरी, पपीता, अंजीर, तरबूज, खरबूजा, मुसम्मी के जूस का सेवन, इन सभी का सेवन करना आपके लिवर के लिए बहुत ही लाभकारी होगा।

-आप उन फलों का सीधे ही सेवन कर सकते हैं या फिर आप इन को मिक्सी में पीसकर इन का जूस निकालकर हल्का सा इसमें में स्वादानुसार लाल नमक का प्रयोग कर सकते हैं दोनों प्रकार से आपके पेट के लिए बहुत ही लाभकारी साबित होगा।

-क्योंकि फलों का सेवन पेट के लिए हमारे पूर्वज बता गए हैं कि बहुत ही लाभकारी होता है यदि आपका पेट खराब है तो फिर आप को जितना हो सके उतना पेट को खाली रखें किसी भी चीज का सेवन ना करें मात्र जूस का ही सेवन करें ऐसा करने से आपका लिवर बहुत जल्दी रिकवर होगा।

लिवर इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए 

-लिवर में इन्फेक्शन होने पर तली भुनी चीजों का सेवन करने से बचें यदि आप इन सभी चीजों का सेवन करते हैं तो इससे आपके लीवर में और भी ज्यादा इन्फेक्शन पैदा कर देगा जो कि आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

-शराब का सेवन करने से बचें यदि आप अपने लिवर को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं तो फिर शराब का सेवन करना आज ही बंद कर दें क्योंकि शराब का सेवन करने से आपका लीवर और अधिक तेजी से डैमेज होगा।

वसा युक्त चीजों का सेवन करना कम कर दें यदि आपका लीवर अधिक डैमेज है तो फिर आपको वसायुक्त चीजों का सेवन करना एकदम बंद कर देना चाहिए।

-लिवर में इन्फेक्शन होने पर बाहर का भोजन बिल्कुल भी मत करें जितना हो सके उतना सादे भोजन का सेवन करें जैसे मूंग की खिचड़ी और इसके साथ फलों के जूस का सेवन करें।

-जैसा कि हमने पहले आपको बताया कि इन फलों का सेवन करें इन फलों का सीधे सेवन कर सकते हैं या जूस बनाकर भी सेवन कर सकते हैं दोनों प्रकार से आपके पेट के लिए बहुत ही फायदेमंद होगा।

लीवर में संक्रमण होने पर अधिक मात्रा में भोजन न करें हमेशा भूख रखकर भोजन का सेवन करें।

लिवर खराब होने पर जांच 

ALT test- ALT की जांच आपके रक्त से होती है ALT को मापा जाता है यदि आपके रक्त में ALT का स्तर बढ़ा हुआ होता है, तो इसका संकेत है कि आपका लिवर डैमेज हो रहा है।

AST यह एक प्रोटीन होता है जो लिवर और आपके शरीर के अन्य हिस्सों में अधिक मात्रा में पाया जाता है AST की जांच भी आपके रक्त से ही मापा जाता है।

LFT जांच – यदि आप लंबे समय से अपने लिवर से परेशान हैं और अधिक दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो फिर आपको सबसे पहले LFT जांच करवानी चाहिए ताकि समय पर आपको रोग का पता चल सके देर हो जाने पर आप गंभीर रोगों से परेशान हो सकते हैं इसलिए लापरवाही ना करें सर्वप्रथम जांच करवाएं उसके बाद इलाज करवाएं।

LFT जांच में तभी दिखाई देता है जब 50 से 60% तक आपका लिवर डैमेज हो चुका होता है, इससे पहले LFT का स्तर बढ़ा हुआ नहीं दिखता है इसलिए आपको किसी भी औषधि का सेवन करने से पहले जांच अवश्य करवानी चाहिए।

अल्ट्रासाउंड – इस जांच को करवाने से आपके लिवर का आकार बड़ा हुआ या सिकुड़ा हुआ इससे आपके लिवर के आकार का पता लगाया जाता है यदि आपके लिवर में किसी प्रकार की दिक्कत या समस्या है तो फिर अल्ट्रासाउंड करके आपके समस्या का पता लगाया जाता है।  

यह रिपोर्ट आपको 10 से 15 मिनट में ही प्राप्त हो जाती हैं इसके लिए आपके पेट को अल्ट्रासाउंड मशीन से स्कैन किया जाता है उसके बाद कंप्यूटर में आपकी लिवर को देखा जाता है और पता लगाया जाता है कि आपके लीवर में किस प्रकार का डैमेज है।

लिवर खराब की पहचान 

यह रोग लगभग 30 वर्ष की आयु में सबसे अधिक देखने को मिलता है जिसमें महिलाओं के अपेक्षा पुरुषों में यह रोग अधिक देखने को मिलता है।

यह रोग सबसे अधिक शराबियों को होता है।

इस रोग से जब रोगी ग्रसित होता है तो उसको रक्त की उल्टियां होती हैं यदि वह रोगी शराबी हो तो उसको सिरोसिस का रोगी समझना चाहिए।

रोग के परिणाम 

-यह रोग रोगी के कारणों तथा लक्षणों पर निर्भर करता है कि रोगी के कारण जिस प्रकार से लक्षणों का पर निर्भर करता है।

-यह रोग यदि खानपान से हुआ है जैसे कि शराब पीने के कारण से या किसी और खानपान की गड़बड़ी से उसको ठीक किया जा सकता है।

-मेटाबॉलिक कारण में भी रोगी को ठीक किया जा सकता है।

यदि रोग का शुरुआत में पता चल जाए तो नियंत्रण पाया जा सकता है।

ज्वाइंडिस जलोदर यदि यह रोग रोगी को होते हैं तो इस रोग के परिणाम बुरे होते हैं।

-यदि रोगी के लिवर कैंसर जिसके कारण तीव्र रक्तस्त्राव रोगी के लिए घातक होता है। इसमें लगभग 50% रोगियों की मृत्यु हो जाती है।

-यदि रोगी एक महीने तक औषधि के सेवन से रोगी को लाभ न हो तो रोगी का भविष्य अच्छा अच्छा नहीं है।

आशा करते हैं दोस्तों लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि आपको पसंद आया होगा यदि हमारी पोस्ट आपके लिए लाभकारी साबित हुई है तो कमेंट करके अवश्य बताएं यदि लीवर से संबंधित किसी और जानकारी को पाना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं और हम उस पर विस्तार में आपके लिए जानकारी लाएंगे तो हमारे पोस्ट में बने रहने के लिए धन्यवाद।

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