Site icon AyurMart

Ashwagandha Ke Fayde In Hindi | 100% अश्वगंधा के फायदे पुरुषों के लिए

अश्वगंधा का परिचय | Introduction to Ashwagandha Ke Fayde In HIndi

अश्वगंधा का पौधा विशेषता शुष्क प्रदेशों में वनों में या किसान के खेतों में पाया जाता है या 5000 फुट की ऊंचाई तक भी होते हैं। असली अश्वगंधा के मचलने पर अश्वगंधा के जड़ के जैसी सुगंध आती है। जो कि एक ताजी जड़ में अधिक होती है। अश्वगंधा का पौधा 2 से 5 मीटर ऊंचा होता है। अश्वगंधा गर्म स्थानों पर अधिक पाया जाता है। आज हम अश्वगंधा के औषधीय गुणों के बारे में बताएंगे, यह बताएंगे कि अश्वगंधा क्या है इसके औषधीय गुण क्या क्या है। और यह किस-किस बीमारी में काम करता है तो आइए जानते हैं Ashwagandha Ke Fayde 

अश्वगंधा को प्रत्येक नामों से जाना जाता है | Ashwagandha is known by every name

हिंदी में- असगंधा।

संस्कृत में- अश्वगंधा, वराहकर्णी।

गुजराती में- आसंध, घोड़ा आहन, घोड़ा आकुन।

बंगाली में- अश्वगंधा।

अश्वगंधा क्या है? | What is Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

अश्वगंधा का पौधा वैसे तो देखने में बहुत ही साधारण होता है लेकिन आप इसके गुणों को जानकर हैरान हो जाएंगे, अश्वगंधा का पौधा 5 मीटर तक इसकी ऊंची शाखाएं और इनके पत्तों की लंबाई 2 से 3 इंच होती है और पट्टे की चौड़ाई 2 से 3 इंच की होती है, अश्वगंधा के पत्ते आगे का भाग निकला होता है, अश्वगंधा के फूल बैंगनी रंग के होते हैं इसके फूल अंगूर के गुच्छे के समान एक पास होते हैं। इन फूलों के बीच में मटर के समान छोटे-छोटे फल होते हैं तथा उसमें आतंक के बीज होते है अश्वगंधा के फल के ऊपर का भाग मानो जैसे मधुमक्खी के छत्ते की के समान दिखने में होता है।

अश्वगंधा का वैज्ञानिक नाम | scientific name of ashwagandha

अश्वगंधा का वैज्ञानिक नाम है- Withania somnifera 

अश्वगंधा के पेड़ का चित्र | picture of ashwagandha tree

अश्वगंधा के फायदे | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

अश्वगंधा के फायदे तो हजारों हैं आइए कुछ फायदों के बारे में हम आपको बताते हैं तो जानिए अश्वगंधा के फायदे

शरीर की दुर्बलता में Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

  1. अश्वगंधा के के चूर्ण को शहद के साथ सेवन करने से दुर्बल शरीर में जान आ जाती है, या यूं कहें कि शरीर कमजोर हो तो अश्वगंधा बहुत ही लाभकारी साबित होता है।
  2. अश्वगंधा चूर्ण को लेकर 10 ग्राम तिल का तेल हुआ 10 ग्राम घी लेकर और 3 ग्राम शहद मिलाकर नित्य सेवन करने से शरीर मोटापा तंदुरुस्त हो जाता है बीमारियां दूर हो जाती हैं तथा इम्यूनिटी भी बढ़ती है। इस प्रयोग को ठंडी के मौसम में करें,
  3. अश्वगंधा के चूर्ण को 5 ग्राम की मात्रा में लेकर 5 ग्राम मिश्री और 5 ग्राम शहद और 10 ग्राम घी मिलाकर इस मिश्रण को सुबह-शाम ठंठीओ के मौसम में सेवन करने से बूढ़ा व्यक्ति युवक के समान प्रसन्न रहता है।
  4. अश्वगंधा की जड़ को लेकर कूट पीसकर महीन चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें, इस चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में गाय के ताजे दूध में घोलकर शुद्ध तिल के तेल मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से निर्बलता दूर होकर शरीर में फुर्ती और तंदुरुस्ती आ जाती है।
  5. अश्वगंधा के चूर्ण को 20 ग्राम की मात्रा में लेकर शुद्ध तिल 30 ग्राम की मात्रा में उड़द आठ गुने इन सभी को लेकर कूट पीसकर इसके बड़े बनाकर खाने से शरीर को बल प्राप्त होता है तथा बीमारियों से लड़ने की क्षमता मिलती है।
  6. एक ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को लेकर 100 मिलीग्राम मिश्री डालकर घोट ले फिर इसको दूध के साथ सेवन करने से शरीर में वीर्य बढ़ता है और बल भी बढ़ता है।
  7. अश्वगंधा चूर्ण और चिरायता 200 ग्राम की मात्रा में लेकर छांव में सुखाकर कूट पीसकर चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें, फिर इस चूर्ण को 10-10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करने से शरीर में वीर्य वृद्धि होती है और शरीर मजबूत व मोटा हो जाता है।

मलसुख/बद्धकोष्ठ जाने पर Ashwagandha Ke Fayde In Hindi

5 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को लेकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से पेट साफ हो जाता है बद्धकोष्ठ में लाभ मिलता है।

सेक्स पावर बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शहद खाने के फायदे | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

अश्वगंधा चूर्ण 3 ग्राम की मात्रा में लेकर शहद के साथ मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है इस प्रयोग से स्ट्रेस भी कम होता है, इस प्रयोग से आपकी सेक्स लाइफ अच्छी हो जाती है।

शिलाजीत और Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

2 ग्राम शिलाजीत और 3 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण फोन लेकर आप दूध को गर्म करके गुनगुने दूध में डालकर सेवन करने से दुबला शरीर मोटा होगा और स्ट्रेस कम होगा इसके साथ ही सेक्स करने की क्षमता बढ़ेगी।

खांसी में अश्वगंधा चूर्ण के फायदे | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

1.अश्वगंधा की जड़ों को लेकर कूट पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर 10 ग्राम की मात्रा में लेकर एवं 10 ग्राम मिश्री मिलाकर 350ml पानी में पकाएं, जब पानी आधा शेष रह जाए फिर इसको जानकर सेवन करने से खांसी में लाभ होता है।

2.बहेड़ा का चूर्ण 20 ग्राम तथा 10 ग्राम काली मिर्च 5 ग्राम सेंधा नमक 2.5 ग्राम लेकर इसमें अश्वगंधा के पत्तों को 35 ग्राम की मात्रा में लेकर 500 मिलीग्राम की गोलियां बनाकर सुरक्षित रख ले, फिर इस गोली को 1-1 सुबह शाम दोपहर चूसने से खांसी में शीघ्र ही लाभ होता है। 

सफेद मूसली और Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

सफेद मूसली और अश्वगंधा को 50-50 ग्राम की मात्रा में लेकर आपस में मिलाकर सुरक्षित रख लें, फिर इस चूर्ण को 1 से 2 ग्राम की मात्रा में गाय के दूध के साथ सेवन करने से मानसिक तनाव और सेक्स संबंधी रोगों में लड़ने की क्षमता मिलती है।

अश्वगंधा सफेद मूसली शतावरी के फायदे | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi

सफेद मूसली अश्वगंधा चूर्ण और सतावर का चूर्ण इन सभी को 3 दिन ग्राम की मात्रा में लेकर दूध में मिलाकर सेवन करने से शरीर में सेक्स संबंधी रोगों में लाभ होता है।

बुखार में Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

अश्वगंधा का चूर्ण 5 ग्राम गिलोय की छाल का चूर्ण 5 ग्राम दोनों को मिलाकर प्रतिदिन गर्म पानी के साथ सेवन करने से बुखार में लाभ होता है।

श्वेत प्रदर और रक्त प्रदर में अश्वगंधा और मिश्री के फायदे 

अश्वगंधा चूर्ण और मिश्री दोनों को 5-5 ग्राम की मात्रा में लेकर सुबह शाम गाय के दूध के साथ सेवन करने से श्वेत प्रदर और रक्त प्रदर दोनों में ही लाभ होता है।

रक्तशोधक में Ashwagandha Ke Fayde In Hindi

अश्वगंधा बारीक पिसा हुआ चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में लेकर इसमें 5 ग्राम की मात्रा में चोपचीनी मिलाकर शहद के साथ नियमित रूप से सुबह-शाम सेवन करने से रक्त विकार मिटते हैं तथा रक्त की शुद्धि करण होती है।

वीर्य बढ़ाने के लिए अश्वगंधा कौंच के बीज 

अश्वगंधा चूर्ण और कौंच के बीज का चूर्ण इन दोनों को 50-50 ग्राम की मात्रा में मिलाकर आधा आधा चम्मच गुनगुने दूध में मिलाकर सेवन करने से वीर्य बढ़ता है और सेक्स पावर बढ़ता है। 

गठिया में Ashwagandha Ke Fayde In Hindi

1.अश्वगंधा का पंचांग यानी जड़, फल, फूल, पत्ती और तना इन सभी को कूटकर 50 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से गठिया में लाभ होता है।

2.अश्वगंधा के ताजे पत्तों को 30 ग्राम की मात्रा में लेकर 250ml पानी में उबालकर पानी आधा शेष रह जाए फिर इसका सेवन करने से गठिया में लाभ होता है।

3.गर्म दूध में अश्वगंधा चूर्ण को 2 ग्राम की मात्रा में डालकर सुबह-शाम सेवन करने से गठिया वात में लाभ मिलता है।

4.अश्वगंधा के 3 ग्राम चूर्ण को 2 ग्राम घी में मिलाकर 1 ग्राम शक्कर के साथ सुबह-शाम सेवन करने से इस संधिवात गठिया रोग में लाभ होता है।

5.अश्वगंधा के कोमल ताजे पत्तों को 200 ग्राम जल में उबालकर जब पत्ते नरम हो जाएं तब छानकर गुनगुना गुनगुना 3 दिनों तक सेवन करने से गठिया में लाभ मिलता है।

शिलाजीत अश्वगंधा सफेद मूसली के फायदे | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi

शिलाजीत 50 ग्राम की मात्रा में और अश्वगंधा और सफेद मुसली इन दोनों को 100-100 ग्राम की मात्रा में चूर्ण को लेकर एक डिब्बे में भरकर सुरक्षित रख लें, फिर इसमें से आधा-आधा चम्मच एक गिलास दूध में मिलाकर सेवन करने से शरीर में वीर्य की वृद्धि, शरीर की थकान को दूर, शरीर में सेक्स करने की क्षमता बढ़ती है, आपका शरीर बूढ़ा नहीं होगा यदि आप इसका सेवन करते हैं।

आंतों के रोग में अश्वगंधा चूर्ण के फायदे | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi

गिलोय का चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में लेकर समान मात्रा में अश्वगंधा चूर्ण को लेकर 5 शहद के साथ नियमित रूप से सेवन करने से लाभ होता है।

अश्वगंधा सफेद मूसली शतावरी कौंच के बीज का चूर्ण | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi

अश्वगंधा चूर्ण, सफेद मूसली चूर्ण, शतावरी का चूर्ण और कौंच के बीज के चूर्ण इन सभी को सौ सौ ग्राम की मात्रा में लेकर एक डब्बे में मिलाकर सुरक्षित रख लें, फिर आप एक चम्मच की मात्रा में लेकर गाय के आधा-एक गिलास दूध में सेवन करें, इसके सेवन करने से आपके स्टैमिना बढ़ेगा और सेक्स संबंधी रोगों में लाभकारी होता है। 

गर्भ को धारण करने में अश्वगंधा लाभकारी | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

1.गाय के घी में अश्वगंधा का चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में मिलाकर पीरियड होने के बाद स्नान के पश्चात प्रतिदिन प्रतिदिन एक माह तक गाय के दूध के साथ सेवन करने से स्त्री का गर्भ धारण अवश्य होता है।

2.अश्वगंधा की जड़ का चूर्ण लेकर इसमें घी मिलाकर पका लें इसका सेवन करने से स्त्री गर्भधारण करती है।

सीने में दर्द होने पर अश्वगंधा चूर्ण के फायदे | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi 

1.अश्वगंधा के चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से हृदय शूल में लाभ होता है।

2.बहेड़ के चूर्ण को 10 ग्राम की मात्रा में लेकर इसमें 10 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर गुड़ के साथ सेवन करने से हृदय संबंधी दर्द को दूर करता है।

पुरुषों की योवन क्षमता बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी के फायदे 

अश्वगंधा चूर्ण और शतावरी के चूर्ण को आपस में मिलाकर गुनगुने दूध के साथ रात के समय सेवन करने से पुरुषों के लिए बहुत ही लाभकारी है क्योंकि इससे सेक्स संबंधी रोगों में से लड़ने की क्षमता मिलती है।

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए अश्वगंधा चूर्ण के फायदे | Ashwagandha Ke Fayde In Hindi

आंवले के फल का चूर्ण 2 ग्राम की मात्रा में लेकर, इसमें 2 ग्राम की मात्रा में अश्वगंधा चूर्ण एवं 1 ग्राम मुलेठी का चूर्ण मिलाकर आधा-आधा चम्मच सुबह शाम ताजे जल के साथ सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।

अश्वगंधा और शतावरी का सेवन कैसे करे | How to consume Ashwagandha and Shatavari

अश्वगंधा और शतावरी दोनों को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर कूट पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें, फिर इस चूर्ण को आधा चम्मच की मात्रा में गुनगुने दूध में मिलाकर सेवन करने से, शरीर को बल प्राप्त होता है, वह वीर्य वृद्धि होती है, साथ ही शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है, और दिमाग का तनाव भी कम हो जाता है।

अश्वगंधा चूर्ण के नुकसान | Ashwagandha Ke Fayde Aur Nuksan In Hindi

अश्वगंधा गर्म तासीर का होता है इसलिए इसको गरम व्यक्ति को कम से कम सेवन करना चाहिए। 

अश्वगंधा का सेवन लो ब्लड प्रेशर वाले रोगियों को नहीं करना चाहिए क्योंकि यहां ब्लड प्रेशर को कम करता है यदि कम ब्लड प्रेशर वाले रोगी खाएंगे तो उनका ब्लड प्रेशर और कम हो जाएगा। 

अश्वगंधा का सेवन शुगर वाले पेशेंट को नहीं करना चाहिए यदि वह शुगर की और कोई दवाई कर रहा हो तो किसी और औषधि काल में अश्वगंधा का सेवन करना शरीर को हानि पहुंचा सकता है।

कम शुगर वाले रोगियों को अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि अश्वगंधा शुगर लेवल को कम करता है।

अश्वगंधा का अधिक मात्रा में सेवन करने से आपको पेट की समस्या हो सकती है। जैसे- पेट में कब्ज, पेट भरा भरा रहना, पेट में गैस बनना, पेट में दर्द आदि समस्या हो सकती है।

गर्म तापमान वाले व्यक्ति को अश्वगंधा का सेवन कम से कम करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से आपको सिर दर्द या उलझन जैसी समस्या हो सकती है।

ये भी पढ़ें…..

Exit mobile version