Adrak Ke Fayde Aur Nuksan In Hindi | 32 बीमारियों से भी ज्यादा का अदरक से इलाज और अदरक के फायदे और नुकसान, सेवन विधि, औषधीय गुण और रसायनिक तत्व

अदरक का परिचय | Adrak Ke Fayde In Hindi

अदरक भारत में बोया जाता है। अदरक को मसाले के रूप में प्रयोग किया जाता है। अदरक को चाय में डालकर बनाया जाता है जिससे चाय का स्वाद बढ़ जाता है। Adrak Ke Fayde तो बहुत हैं अदरक के इस्तेमाल से हम कई बीमारियों से दूर रहेंगे। अदरक का हम रोज के खाने में प्रयोग करके कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं

तो इसका किस प्रकार से प्रयोग करें कि यह बीमारियों को दूर रखें तो बने रहें हमारी पोस्ट में और जाने की किस प्रकार से अदरक का प्रयोग हमारे जीवन में लाभकारी हो सकता है।

अदरक क्या है? | Adrak Ke Fayde In Hindi

अदरक का पौधा 2 से 3 फीट ऊंचा होता है यह रेतीले स्थानों में पैदा होता है। अदरक एक प्रकार की जड़ होती है। अदरक से तो सभी परिचित ही होंगे। अदरक के पत्ते एकदम बांस के पत्तों के समान होते हैं। इसके पत्ते लगभग 8 से 10 इंच लंबे और 1 से 2 इंच चौड़े होते हैं इसके पत्ते का अग्रभाग नुकीला होता है इसमें पतली पतली धारियां बनी होती हैं।

अदरक का वैज्ञानिक नाम | Adrak Ke Fayde in hindi

अदरक का वैज्ञानिक नाम- जिंगीबर ऑफिसिनेल रोज (Zingiber officinale Rosc). है।

अदरक के कुल का नाम | Adrak Ke Fayde in hindi

अदरक के कुल का नाम- जिंगीबेरेसी (Zingiberaceae). है।

अदरक विभिन्न भाषाओं में नाम | Adrak Ke Fayde in hindi

अदरक का विभिन्न भाषाओं में नाम कुछ इस प्रकार है इसको अलग-अलग देश और प्रांतों में अलग-अलग नाम से पुकारा जाता है-

हिंदी में (Hindi Main) – अदरक (Adrak), आदी (Aadi), सौंठ (Saunth)।

अंग्रेजी में (English Main) – जिंजर (Ginger)।

संस्कृत में (Sanskrit Main) – आर्दक (Aadrak), आर्द्रशाक (Aadrshak)।

कन्नड़ में (Kannad Main) – शुंठि (Shunthi)।

बंगाली में (Bangali Main) – सूंठ (Sunth), आदा (Aada)।

अरबी में (Arabi Main) – रतन (Ratan), जजबील (Jajbiil)।

फारसी में (Farasi Main) – शंगवीर (Shangveer)।

गुजराती में (Gujrati Main) – आदु (Aadu)।

मराठी में (Marathi Main) – आलें (Aale)।

अदरक के औषधीय गुण | Adrak Ke Fayde in hindi

अदरक का उपयोग औषधि के रूप में इन बीमारियों पर किया जाता है इसके साथ ही हम यह भी आपको बताएंगे कि आप किस प्रकार और किस मात्रा में इसका इस्तेमाल करें तो इन बीमारियों को नष्ट कर सकते हैं।

अदरक का प्रयोग सिरदर्द में, खांसी में, कब्ज में, भूख बढ़ाने में, उदर रोग में, जलन में, उल्टी में, मूत्र विकार में, हृदय की जलन में, पाचन विकार में, कान दर्द में, दांत दर्द में, निमोनिया में, मूर्छा में, अंडकोष वृद्धि में, अतिसार में, पीलिया में, रक्त विकार में, दर्द में, गठिया में, चर्म रोग में, बुखार में, इस्नोफीलिया में, हैजा में, शरीर की जलन में इत्यादि रोगों में अदरक का औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है।

अदरक में रासायनिक तत्व | Adrak Ke Fayde in hindi

अदरक में विटामीन A, B और C भी होते है। उड़नशील तेल छिलके वाली सौंठ से प्राप्त किया जाता है, क्योंकि अदरक के छिलके में ही तेल कोषाणु विशेष रूप से पाए जाते हैं। अदरक में आर्द्रता 80.9, प्रोटीन 2.3, वसा 0.9, सूत्र 2.4, कार्बोहाइड्रेट 12.3, खनिज 1.2 प्रतिशत, कैल्शियम 20, फास्फोरस 60, लौह 2.6 मि०ग्रा० प्रति 100 ग्राम तथा कुछ आयोडीन और क्लोरीन भी होता है। सौंठ में नमी 10-9, प्रोटीन 15.4, सूत्र 6.2, स्टार्च 5.3, कुल भस्म 6.6, उड़नशील तेल 1-26 प्रतिशत पाया जाता है। 

अदरक के फायदे | adrak Ke Fayde in hindi 

अब तक आपने जाने अदरक में पाए जाने वाले रसायनिक तत्व और अदरक के नाम अन्य भाषाओं में अब जानते हैं अदरक खाने के फायदे और इसके औषधि प्रयोगों के बारे में।

भूख शांत करने में अदरक के फायदे | Adrak Ke Fayde in hindi

1.सौंठ और पित्त पापड़ा का पाक को 10 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सेवन करने से भूख शांत होती है और पेट की जलन में भी लाभ मिलता है और ज्वार नाशक भी है।

2.सौंठ, चिरायता, गुर्च इन सब को मिलाकर सेवन करने से भूख शांत होती है।

बहुमूत्र में अदरक का रस पीने के फायदे | polyuria main adrak ka pani peene ke fayde

अदरक के दो चम्मच रस में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से अधिक मूत्र आने पर लाभ मिलता है।

मूत्र की रुकावट में अदरक के फायदे | urinary blockage main adrak ke fayde in hindi

सौंठ, कटेरी की जड़, बला की मूल, गोखरू इन सभी को 22 ग्राम की मात्रा में लेकर इसमें 10 ग्राम गुड़ और 250ml दूध में पकाकर सुबह-शाम सेवन करने से मल वा मूत्र की रुकावट में लाभ मिलता है।

अदरक के फायदे पेट के लिए | benefits of ginger for stomach in hindi

1.सौंठ, अतीस समान मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर सेवन करने से पाचन शक्ति बढ़ती है।

2.सौंठ, अतीस का चूर्ण सेवन करने से पाचन शक्ति बढ़ती है।

3.सोंठ का चूर्ण मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से आम का पाचन होता है।

अजीर्ण में अदरक चूर्ण के फायदे | Indigestion main adrak churn ke fayde in Hindi

हरड़, सौंठ तथा सैंधा नमक का चूर्ण जल के साथ चम्मच की मात्रा में सुबह के समय सेवन करने से पाचन संबंधी विकारों में लाभ मिलता है और पाचन क्रिया मजबूत होती है।

उदर रोग का अदरक से इलाज | treatment of stomach disease with ginger in hindi

सौंठ, बहेड़ा, आँवला इनको समान भाग लेकर कल्क बनाले। गाय का घी तथा तिल का तेल 2 किलो 500 ग्राम, दही का पानी 2 किलो 500 ग्राम, इन सबको मिलाकर विधिपूर्वक घी का पाक करें, तैयार हो जाने पर छानकर रख लें। इस घृत को 10-20 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम सेवन करने करने से सभी प्रकार के उदररोगों का नाश होता है और कफज, वातज एवं गुल्मरोग में भी इसका प्रयोग होता है।

पेट की जलन में अदरक के फायदे | stomach irritation main adrak ke fayde in hindi

1.सौंठ, अतीस, गिलोय इन सभी को समान मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर 10 से 20 ml. की मात्रा में सुबह – शाम सेवन करने से पेट की जलन शांत होती है और आमाशय के विकारों में भी लाभ मिलता है।

2.अजवायन, सैंधा नमक, हरड, सौंठ इनके चूर्ण को समान मात्रा में लेंकर एकत्रित करें। दो से 5 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से पेट का दर्द नष्ट हो जाता है और पेट की जलन में भी लाभ मिलता है।

अदरक और नींबू के फायदे |nimbu aur adrak ke fayde in Hindi

अदरक 10-20 ग्राम रस में समभाग नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से मंदाग्नि दूर होती है।

भूख बढ़ाने में अदरक खाने के फायदे | increase appetite mein adrak khane ke fayde in Hindi

1.सोंठ का चूर्ण 2 ग्राम की मात्रा में लेकर घी के साथ प्रातः काल सेवन करने से भूख बढ़ती है।

2.सोंठ का चूर्ण 2 ग्राम की मात्रा में लेकर प्रातः काल ताजे जल के साथ सेवन करने से भी भूख बढ़ती है।

3.अदरक का अचार सेवन करने से भूख बढ़ती है।

हैजा में अदरक चूर्ण के फायदे | cholera main adrak churan ke fayde in Hindi

अदरक का 10 ग्राम, आक / मदार की जड़ 10 ग्राम, इन दोनों को खरल कर इसकी काली मिर्च के बराबर गोली बना लें। इन गोलियों को गुनगुने पानी के साथ देने से हैजे में लाभ मिलता है।

हृदय रोग में अदरक के फायदे | heart disease main adrak ke fayde in hindi

भोजन से पहले लवण और अदरक की चटनी खाने से जीव एवं गले की शुद्धि होती है तथा पेट की जलन शांत होती है और हृदय बलवान होता है।

खांसी में अदरक और शहद के फायदे | cough mein shahad aur adrak ke fayde in Hindi

1.अदरक को पीसकर इसमें शहद मिलाकर सेवन करने से खांसी में लाभ मिलता है।

2.अदरक को लेकर इस के छोटे-छोटे पीस करके एक पीस को शहद में भिगोकर चूसने से गले की खराश में लाभ मिलता है।

3.अदरक का रस दो चम्मच की मात्रा में लेकर शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से सभी प्रकार की खांसी में लाभ मिलता है।

जुकाम में अदरक के रस के फायदे | Cold main adrak ke ras ke fayde in Hindi

अदरक का रस 1 से 2 चम्मच की मात्रा में लेकर शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से जुकाम का वेग कम हो जाता है।

श्वास रोग में अदरक के रस के फायदे | respiratory disease main adrak ke ras ke fayde in Hindi

पिप्पली तथा सैंधा नमक इनके मिश्रित चूर्ण को अदरक के रस के साथ रात्रि में सोने से पहले सेवन से 1 सप्ताह के अंदर ही श्वास रोग से मुक्त हो जाता है।

इस्नोफीलिया में अदरक रस के फायदे | eosinophilia main adrak ke ras ke fayde in Hindi

अदरक के रस को 5ml की मात्रा में लेकर इसमें पांच में शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार सेवन करने से इस्नोफीलिया में लाभ मिलता है।

अदरक की चाय के फायदे | adrak ki chai ke fayde in Hindi

अदरक की चाय पीने से सर्दियों के समय में बार-बार होने वाले सर्दी जुकाम में लाभ मिलता है।

गुड़ और अदरक के फायदे | Jaggery aur adrak ke fayde in Hindi

गुड़ और अदरक को मिलाकर आग में गर्म करके गुनगुना गुनगुना सेवन करने से खांसी में लाभ मिलता है।

मूर्छा आने पर अदरक के रस के फायदे | on fainting adrak ke ras ke fayde in Hindi

अदरक के रस को सूंघने से ज्वर में होने वाले मूर्छा में लाभ मिलता है।

सिर दर्द में सोंठ के फायदे | Headache main sonth ke fayde in Hindi

10ml दूध में 5 ग्राम सोंठ का चूर्ण मिलाकर सूंघने से सभी प्रकार के सिर दर्द नष्ट हो जाते है।

अदरक से दांत दर्द का इलाज | Toothache treatment with ginger 

अदरक टुकड़े को दांतों के बीच दबाने से सर्दी के कारण दांत दर्द में लाभ होता है।

अदरक से कान दर्द का इलाज | Ear pain treatment with ginger

अदरक का रस गुनगुना कर 2-3 बूंद कान में डालने से कान दर्द में लाभ मिलता है।

अतिसार में अदरक के फायदे | diarrhea Main adrak ke fayde in Hindi

1.सौंठ, खस, बेल की गिरी,धनियाँ, मोचरस तथा नेत्रवाला का काढ़ा बनाकर सेवन करने से अतिसार में लाभ मिलता है तथा पित्त-कफ ज्वर नाशक है।

2.सौंठ और इन्द्र जौ के समान भाग चूर्ण को लेकर चावल के पानी के साथ सेवन करें, जब चूर्ण पच जाए. उसके बाद चांगेरी, तक्र, दाडिम का रस डालकर पकायी यवागू अतिसार में खाने को दें।

3.धनिया 10 ग्राम, सौंठ 10 ग्राम इनका काढ़ा बनाकर सुबह-शाम सेवन करने से वातश्लेष्मज्वर, शूल और अतिसार नष्ट होता है।

उल्टी में अदरक के रस के फायदे | Vomiting main adrak ke ras ke fayde in Hindi

अदरक 10 ग्राम रस में, 10 ग्राम प्याज का रस मिलाकर सेवन से उल्टी में लाभ होता है।

पीलिया में गुड़ और अदरक के फायदे | jaundice main gud aur adrak ke fayde in Hindi

अदरक, त्रिफला और गुड़ का मिश्रण सेवन करने से पीलिया रोग में लाभ मिलता है कामला मिटता है।

अंडकोषवृद्धि में अदरक के रस के फायदे | testicle growth main adrak ke ras ke fayde in Hindi

अदरक के रस को 10 से 20 से मिल की मात्रा में लेकर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से वापस अंडकोषवृद्धि में लाभ मिलता है।

शोथ में अदरक के फायदे | inflammation Main adrak ke fayde in Hindi

अदरक के रस को 10 से भी शामिल की मात्रा में लेकर गुड़ मिलाकर प्रातः का सेवन करने से सभी प्रकार के शोथ शीघ्र ही नष्ट हो जाते हैं।

जोड़ दर्द में अदरक के रस के फायदे | joint pain main adrak ke ras ke fayde in Hindi

अदरक के 1 किलोग्राम रस में 500 ग्राम तिल का तेल डालकर आग पर पका कर। जब रस जलकर तेल मात्र रह जाये, तब उतारकर छान ले। इस तेल की शरीर पर मालिश करने से जोड़ों की पीड़ा में लाभ मिलता है।

वातरक्त/गाउट अदरक खाने के फायदे | gout main adrak ke fayde in hindi

1.अंशुमती के क्वाथ से 640 ml. दूध को पकाकर इसमें 80 ग्राम मिश्री मिलाकर करने से गाउट में लाभ मिलता है। 

2.सौंठ और पिप्पली का काढ़ा तैयार करके 20 मि०ली० प्रातः सायं सेवन करने से वातरक्त/गाउट में लाभ मिलता है।

शरीर ठंडा पड़ जाने पर अदरक के फायदे | Benefits of ginger when the body cools down in hindi

अदरक रस में थोड़ा लहसुन का रस मिलाकर शरीर ठंडा पड़ जाने पर मालिश करने से गरमाई आ जाती है।

बुखार में अदरक खाने के फायदे | fever main adrak ke fayde in hindi

1.सौंठ एव धमासा का बड़ा बनाकर सेवन करने से सभी प्रकार के ज्वर में लाभ मिलता है।

2.सौंठ, गन्धबाला, पित्तपापड़ा खस, लाल चन्दन इनका काढ़ा बनाकर ठंडा करके सेवन करने से तृष्णा-उल्टी, पित्तज्वर तथा दाह का निवारण होता है।

3.सौंठ, पित्तपापड़ा, खस लाल चन्दन, सुगन्ध बेला इन सबको समान मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सेवन करने से ज्वर में बार-बार लगने वाली प्यास को शांत करता है।

4.त्रिकुट, सैंधा नमक और अदरक का रस मिलाकर कुछ दिनों तक सुबह-शाम चाटने से टाइफाइड ज्वर में लाभ मिलता है।

निमोनिया में अदरक के रस के फायदे | pneumoniae main adrak ke ras ke fayde in Hindi

अदरक के रस में 2 से 3 वर्ष पुराना घी एवं कपूर मिलाकर गर्म करके छाती पर मालिश करने से निमोनिया रोग में लाभ मिलता है।

चर्म रोग में अदरक के फायदे | skin diseases main adrak ke fayde in hindi

अडूसा की पत्ती, निशोथ, बड़ी इलायची, सौंठ, मदार की पत्ती, कुंदरू इन सबको समान मात्रा में बने चूर्ण को पलाश के क्षार और गोमूत्र में घोलकर बने लेप को लगाकर धूप में तब तक बैठे जब तक वह सूख न जाए, इससे मण्डल कुष्ठ फूट जाता है, और उसके घाव शीघ्र ही भर जाते है।

अदरक का सेवन विधि | Adrak Ke Fayde in hindi

यदि आप किसी अन्य बीमारी का इलाज कर रहे हैं तो अपने चिकित्सा से सलाह अवश्य लें।

अदरक का सेवन इस मात्रा में करना चाहिए।
अदरक के चूर्ण को2 – 3 ग्राम की मात्रा में।
अदरक का काढ़ा10 – 20ml. की मात्रा में।
अदरक  का रस ।2 – 5ml. की मात्रा में ।
Adrak Ke Fayde in hindi
अदरक औषधि उपयोगी भाग | Adrak Ke Fayde in hindi
Adrak Ke Fayde in hindi
अदरक के फायदे और नुकसान | adrak ke fayde aur nuksan in hindi

अब तक आपने जाने अदरक के फायदों के बारे में आप जानते हैं कि यदि हम अदरक का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं तो हमारे शरीर पर क्या नुकसान होता है और किन-किन लोगों को अदरक का सेवन नहीं करना चाहिए तो आइए जानते-

अदरक का प्रयोग बवासीर के मरीजों को नहीं करना चाहिए। क्योंकि अदरक की तासीर गर्म होती है।

अदरक का अधिक मात्रा में सेवन करने से एसिडिटी की समस्या बन सकती है।

अदरक का अधिक मात्रा में सेवन करने से हार्ड पर बुरा असर पड़ता है। क्योंकि इसके सेवन से बीपी घटता और बढ़ता है।

हाल ही में डॉक्टरों के द्वारा शोध करने में यह आया है कि अदरक का गर्भवती महिलाओं को सेवन नहीं करना चाहिए इससे गर्भपात की समस्या हो सकती है। 

Adrak Ke Fayde in hindi FAQ

बवासीर में अदरक खाना चाहिए या नहीं ?

बवासीर में अदरक का प्रयोग नहीं करना चाहिए अदरक के प्रयोग से कब्ज की समस्या बन जाती है जिसके कारण बवासीर की समस्या बढ़ जाती है। क्योंकि अदरक गर्म प्रकृति का होता है। और बवासीर गर्मी के कारण और अधिक बढ़ जाता है। इसलिए भी अदरक का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

अदरक कहाँ पाया जाता है ?

अदरक का पौधा जापान, मसकराइन, चीन और प्रशांत महासागर के दीपू में पाया जाता है। अदरक का पौधा दक्षिण एशिया में सबसे अधिक पाया जाता है।

अदरक का पौधा कैसा होता है ?

अदरक का पौधा 2 से 3 फीट ऊंचा होता है यह रेतीले स्थानों में पैदा होता है। अदरक एक प्रकार की जड़ होती है। अदरक से तो सभी परिचित ही होंगे। अदरक के पत्ते एकदम बांस के पत्तों के समान होते हैं। इसके पत्ते लगभग 8 से 10 इंच लंबे और 1 से 2 इंच चौड़े होते हैं इसके पत्ते का अग्रभाग नुकीला होता है इसमें पतली पतली धारियां बनी होती हैं।

अदरक खाने से क्या होता है ?

अदरक खाने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है यदि हम इसको औषधि के रूप में प्रयोग करते हैं तो हम बहुत सारी बीमारियों से दूर रहेंगे और बहुत सारी बीमारियों का इलाज भी कर सकते हैं जैसे कि पाचन संबंधी विकारों में, मूत्र रोग में, कब्ज की समस्या, निमोनिया में, कान दर्द, दांत दर्द, चक्कर आने में, सिर दर्द में, खांसी में, स्वास संबंधी विकारों में, गठिया में, बुखार में, पीलिया रोग में, चर्म रोग में, अदरक का औषधि के रूप में प्रयोग करके से इन सब बीमारियों का इलाज कर सकते हैं।

अदरक का कौन सा भाग खाया जाता है ?

अदरक की कंद को खाया जाता है।

अदरक में क्या पाया जाता है ?

आर्द्रता 80.9, प्रोटीन 2.3, वसा 0.9, सूत्र 2.4, कार्बोहाइड्रेट 12.3, खनिज 1.2 प्रतिशत, कैल्शियम 20, फास्फोरस 60, लौह 2.6 मि०ग्रा० प्रति 100 ग्राम तथा कुछ आयोडीन और क्लोरीन भी होता है। सौंठ में नमी 10-9, प्रोटीन 15.4, सूत्र 6.2, स्टार्च 5.3, कुल भस्म 6.6, उड़नशील तेल 1-26 प्रतिशत पाया जाता है।

व्रत में अदरक खा सकते हैं या नहीं ?

व्रत में अदरक खाई जाती है।

अदरक का पौधा कैसा होता है ?

अदरक का पौधा 2 से 3 फीट ऊंचा होता है यह रेतीले स्थानों में पैदा होता है। अदरक एक प्रकार की जड़ होती है। अदरक से तो सभी परिचित ही होंगे। अदरक के पत्ते एकदम बांस के पत्तों के समान होते हैं। इसके पत्ते लगभग 8 से 10 इंच लंबे और 1 से 2 इंच चौड़े होते हैं इसके पत्ते का अग्रभाग नुकीला होता है इसमें पतली पतली धारियां बनी होती हैं।

अदरक का पौधा कहां पर पाया और उगाया जाता है?

अदरक का पौधा जापान, मसकराइन, चीन और प्रशांत महासागर के दीपू में पाया जाता है, अदरक का पौधा दक्षिण एशिया में सबसे अधिक पाया जाता है, अदरक का पौधा भारतवर्ष में पाया जाता है, इसका पौधा रेतीले स्थान में उगाया जाता है।

अदरक को इंग्लिश में क्या बोलते हैं ?

अदरक को इंग्लिश में जिंजर (Ginger) बोलते हैं

अदरक में कौन सा विटामिन पाया जाता है ?

अदरक में विटामीन A, B और C भी होते है।अदरक में आर्द्रता 80.9, प्रोटीन 2.3, वसा 0.9, सूत्र 2.4, कार्बोहाइड्रेट 12.3, खनिज 1.2 प्रतिशत, कैल्शियम 20, फास्फोरस 60, लौह 2.6 मि०ग्रा० प्रति 100 ग्राम तथा कुछ आयोडीन और क्लोरीन भी होता है। सौंठ में नमी 10-9, प्रोटीन 15.4, सूत्र 6.2, स्टार्च 5.3, कुल भस्म 6.6, उड़नशील तेल 1-26 प्रतिशत पाया जाता है

अदरक को इंग्लिश में क्या कहते हैं ?

अदरक को इंग्लिश में जिंजर कहते हैं।

अदरक का बीज कहां मिलता है ? 

अदरक में कोई बीज नहीं होता है इसकी कंद के छोटे-छोटे पीस करके इसी को बोया जाता है फिर इसमें पौधा होता है और अदरक प्राप्त की जाती है। अदरक की कंद नरेंद्र नगर, जौनपुर और कीर्ति नगर ब्लॉक क्षेत्र में सबसे अधिक अदरक की पैदावारी होती है इसलिए वहां पर अदरक की कंद अच्छे और उचित मूल्यों में मिल जाते हैं।

अदरक कौन सा लिंग है ?

अदरक पुल्लिंग (Puling) है।

Adrak Khane Ke Fayde n Hindi

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